देवास। गणगोर पूजा का कार्यक्रम सयाजी द्वार स्थित मल्हार स्मृति पार्क में हुआ लड़कियाँ और शादिशुदा महिलाएँ भगवान शिव पार्वती की पूजा करती हैं माना जाता है सुहागन महिलाएँ पति की लम्बी उमर के लिए और लड़कियाँ अच्छे पति की कामना के लिए व्रत करती हैं शादिशुदा महिलाएं 16 श्रृंगार कर व्रत और पूजा करती है वही कुंवारी लड़कियाँ भी पूरी तरह सज कर विधि विधान से पूजा करती है पौराणिक कथा के मुताबिक माना यह जाता है कि गोरा जी यानी देवी पार्वती ने कभी शिव जी के लिए व्रत किया था उसके बाद उनको पति रूप में शिवजी मिले थे गणगोर पर देवी पार्वती की भी विशेष पूजा करने का विधान है तीज यानि तृतीया की तिथि के स्वामी गोरी माता हैं इसीलिये देवी पार्वती की पूजा शोला श्रृंगार से करनी चाहिए कुमकुम हल्दी और मेहंदी एवं सुगंधित चीजें भी अर्पित की जाती है।
