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श्रीराम का चरित्र है लोक मर्यादा का अलंकरण-पं. संतोष भूषण जी

श्रीराम का चरित्र है लोक मर्यादा का अलंकरण-पं. संतोष भूषण ज

लालगंज प्रतापगढ़। कथा सुनाते पं. संतोष भूषण जी महराज।
खजुरी स्थित काली माता मन्दिर के परिसर में सामूहिक संगीतमयी श्रीराम कथा में श्रद्धालु कथाश्रवण को लेकर भावविभोर दिखे। कथाव्यास श्रीधाम अयोध्या से पधारे सनातन धर्म प्रचार महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पं. सन्तोष भूषण पाण्डेय ने कहा कि श्रीराम का अनुपम चरित्र लोक मर्यादा का अलंकरण है। उन्होनें कहा कि कलिकाल में श्रीराम नाम का मंत्र ही समस्त सुखों के लिए फलदायी हुआ करता है। कथाव्यास संतोष भूषण जी ने कहा कि मनुष्य जन्म लेने के बाद वैभव और सम्पदा के वशीभूत हो जाया करता है। ऐसे में वह भगवान का स्मरण तथा उनके नाम का जप करने में समय के अभाव का सहारा लेने लगता है। उन्होने कहा कि भगवान की आराधना सुख के समय भी श्रद्धा के साथ हुआ करती है तो वहां दुख कभी भी अपनी अनुभूति नही करा सकता। कथाव्यास पं. संतोष भूषण जी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने संसार को सुख तथा धर्म के साथ निर्भय जीवन के लिए अनुपम तपस्या के लोकावतार में शाश्वत मार्गदर्शन प्रदान कर रखा है। मानस की सुमधुर चौपाईयों को प्रस्तुत करते हुए उन्होेने श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के अदभुत ऐश्वर्य का बोध कराया। कथा के संयोजक सुरेन्द्र संगीतकार ने कथावाचक संतोष भूषण पाण्डेय जी का श्रद्धालुओं की ओर से अभिषेक किया। मुख्य यजमान पं. श्यामकिशोर मिश्र नगरहा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। संचालन सागर तिवारी ने किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान ज्ञानप्रकाश पाण्डेय, संगमलाल दुबे, अनिल त्रिपाठी महेश, रामप्रकाश ओझा, सत्यप्रकाश पाण्डेय, रामकुमार सरेाज, गंगापाल यादव, संत प्रसाद ओझा, पूर्व प्रधान मुन्ना पाण्डेय, विनोद पाण्डेय आदि रहे।

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