- देवबड़ला में भूतड़ी अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

पुरातात्विक धरोहर देवांचल धाम देवबड़ला बिलपान में यूं तो प्रतिदिन ही भक्तों का आना-जाना लगा रहता है पुरातत्व विभाग की खुदाई में निकले हुए अद्भुत रचनात्मक व सुंदर अवशेषों एवं कलाकृति को देखने क्षेत्र ही नहीं अपितु बाहर से भी टूरिस्ट श्रद्धालु आते हैं मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह भगत सिंह व देवबड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेन्द्र सिंह भाटी बताते हैं देवभूमि देववल्ला ऋषि मुनियों की तपोभूमि प्राचीन काल से ही रही है नेवज नदी का उद्गम भी इसी पहाड़ से हुआ है छोटे से रूप में कुंड में शीतल जल आता रहता है यूं तो इस जंगल में दूर-दूर तक कहीं पानी नहीं है लेकिन विलवैश्वर महादेव की कृपा से कुंड में हमेशा ही जल रहता है कभी भी कुंड सूखता नहीं है ये
