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अंबेडकरनगर महिला अस्पताल में सर्जन न होने से सिजेरियन से प्रसव की सुविधा नही

जलालपुर

(अंबेडकरनगर)। तहसील मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल में सर्जन न होने से सिजेरियन से प्रसव की सुविधा ठप हो गई है। ऐसी महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। यहां न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई पर ही ध्यान दिया जाता है।महिला अस्पताल में स्टाफ नर्सों की भी कमी है।

महिलाओं को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग डेढ़ दशक पहले महिला अस्पताल की स्थापना हुई थी। यहां प्रतिदिन औसतन 75 ओपीडी होती हैं। इसके बावजूद अब तक सर्जन की तैनाती नहीं हो सकी है, जबकि सर्जन का एक पद सृजित है। ऐसे में यदि ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

नगर के बाहरी छोर पर स्थित सीएचसी नगपुर में भी सर्जन की तैनाती नहीं है। इसी के चलते प्रसव पीड़िता के सामने दो विकल्प रहते हैं। उन्हें या तो जिला अस्पताल तक लगभग 25 किमी. लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या फिर निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। महिला अस्पताल में एक महिला चिकित्सक डॉ. रमा वर्मा जबकि एक आयुष महिला चिकित्सक डॉ. शशिबाला की तैनाती है। फार्मासिस्ट के एक पद पर तो तैनाती है लेकिन स्टाफ नर्स के सृजित छह पद की तुलना में मात्र दो ही तैनात है।

एक्सरे टेक्नीशियन का एक पद सृजित है। न तो टेक्नीशियन की तैनाती है और न ही यहां एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे एक्सरे जांच के लिए महिलाओं को निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ता है।

पेयजल का भी है संकट

अस्पताल में पेयजल की भी सुचारु व्यवस्था नहीं है। परिसर में लगा एकमात्र इंडिया मार्का हैंडपंप लगभग चार वर्ष से खराब है। वाटर कूलर तो लगा है लेकिन ज्यादातर समय वह बंद ही रहता है। वहीं मुख्य गेट के बगल लगा होने के चलते जब गेट खुलता है तो वाटर कूलर गेट के पीछे छिप जाता है। इससे आने वाले मरीजों व तीमारदारों को पता ही नहीं चलता कि यहां वाटर कूलर लगा है।

उपलब्ध कराई जाएं समुचित व्यवस्थाएं

बुधवार को अस्पताल में मरीज के साथ पहुंचे तीमारदार जलालपुर नगर के हरिप्रसाद, नरेंद्र व अजय ने कहा कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमीं है। ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। पानी की बेहतर व्यवस्था नहीं है। साफ-सफाई पर भी ध्यान नहीं है। जब से अस्पताल का निर्माण हुआ है तब से अब तक इसकी दोबारा रंगाई पुताई तक नहीं कराई जा सकी है। मरीजों के हित को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।

निदेशालय को भेजा गया पत्र

एक्सरे समेत अन्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पूर्व में ही पत्र भेजा गया है। स्थानीय स्तर पर जो जरूरत होगी उसे पूरा किया जाएगा। – डॉ. राजकुमार, सीएमओ

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