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*** — सतना लोकसभा त्रिकोणीय — **** सतना लोकसभा का चुनाव अब धीरे धीरे रोचक होता जा रहा है पहले जहां लग रहा था कि इस बार भाजपा के मुकाबले कोई वजनदार प्रत्याशी नहीं होगा इसलिए चुनाव में उसके पक्ष में सबकुछ एक तरफा दिखाई दे रहा है किन्तु जैसे ही कांग्रेस ने सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा का नाम सामने आया तो भाजपा को लगने लगा इतना आसान नहीं है जोखिम कम नहीं है। बहुजन समाज पार्टी ने सतना लोकसभा से एक दमदार, संघर्षशील, लंबे समय से सक्रिय अनुभवी विंध्य क्षेत्र के लाडले राजनीतिक चेहरा श्री नारायण त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित किया गया। नारायण त्रिपाठी का नाम आते ही इस बात की बड़ी तेजी से चर्चा शुरू हो गई है यह प्रत्याशी भी किसी से कम नहीं है। इन प्रत्याशी की भी सतना लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं में अच्छी खासी मजबूत पकड़ है। चुनावी अखाड़े में बसपा प्रत्याशी आते ही अब चुनावी मुकाबला ज़ोरदार दिखाई दे रहा है । वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव जितना आसान मान रहे है वह उतना कठिन होता जा रहा है।यह सब अचानक नहीं हो गया बल्कि समय के साथ सोच विचार कर हुआ है । लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं में जो उत्साह दिखना चाहिए जिस तरह से चुनावी चर्चा, समीक्षा होनी चाहिए वह सब पूरी तरह से शांत हैं।यही कारण है कि अब सतना लोकसभा के चुनाव को लेकर त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना पाई जा रही है।

*** — सतना लोकसभा त्रिकोणीय — ****

 

 

सतना लोकसभा का चुनाव अब धीरे धीरे रोचक होता जा रहा है पहले जहां लग रहा था कि इस बार भाजपा के मुकाबले कोई वजनदार प्रत्याशी नहीं होगा इसलिए चुनाव में उसके पक्ष में सबकुछ एक तरफा दिखाई दे रहा है किन्तु जैसे ही कांग्रेस ने सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा का नाम सामने आया तो भाजपा को लगने लगा इतना आसान नहीं है जोखिम कम नहीं है। बहुजन समाज पार्टी ने सतना लोकसभा से एक दमदार, संघर्षशील, लंबे समय से सक्रिय अनुभवी विंध्य क्षेत्र के लाडले राजनीतिक चेहरा श्री नारायण त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित किया गया। नारायण त्रिपाठी का नाम आते ही इस बात की बड़ी तेजी से चर्चा शुरू हो गई है यह प्रत्याशी भी किसी से कम नहीं है। इन प्रत्याशी की भी सतना लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं में अच्छी खासी मजबूत पकड़ है। चुनावी अखाड़े में बसपा प्रत्याशी आते ही अब चुनावी मुकाबला ज़ोरदार दिखाई दे रहा है ।
वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव जितना आसान मान रहे है वह उतना कठिन होता जा रहा है।यह सब अचानक नहीं हो गया बल्कि समय के साथ सोच विचार कर हुआ है । लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं में जो उत्साह दिखना चाहिए जिस तरह से चुनावी चर्चा, समीक्षा होनी चाहिए वह सब पूरी तरह से शांत हैं।यही कारण है कि अब सतना लोकसभा के चुनाव को लेकर त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना पाई जा रही है।

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